पीएफ खाता कितने प्रकार के होतें है? - Types Of PF Account In Hindi

जिस तरह से बचत खाता, करंट खाता, आवर्ती जमा खाता और भी कई प्रकार के बैंक खाता होते है ठिक उसी प्रकार भविष्य निधि (Provident Fund) खाता भी होता है जिसे अधिकांश लोग PF खाता के नाम से जानते है । आईयें विस्तार से जानतें है PF खाता कितने प्रकार के होतें है जी हां दोस्तों जैसा की आपको भलीभांति पता होगा सरकारी या प्राइवेट संस्थाओ में कार्य करने वाले कर्मचारियो के लिए सरकार द्वारा 1952 में लाया गया भविष्य निधि (Provident Fund) योजना एक ऐसी योजना है जिसमें सरकारी और प्राइवेट सभी कर्मचारी अपनी सैलरी से निवेश करता है जिसका लाभ नौकरी करने के दौरान और रिटायर्मेंट पर मिलता है । दोस्तों आपको ये भी पता होगा कर्मचारी के निवेश हेतू सरकार द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (एंप्लॉय प्रोविडेंट फण्ड ऑर्गनाइजेशन) संस्था बनाई गई है जिसमें भविष्य निधि (प्रोविडेंट फण्ड) यानि PF खाता ओपेन और खाते में निवेश किये जाते है । अब सिधे मुद्दे पर बात किया जाए तो भविष्य निधि योजना के तहत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) कई तरह के भविष्य निधि खाते ओपेन करने की सुविधा देती है जिसके बारें में अधिकांश लोगो को पता नही होता है यदि आप भी नही जानते तो पूरी आर्टिकल को अवश्य पढें और आप भी जानिए भविष्य निधि खाता कितने प्रकार के खोलें जा सकते है यानि PF अकाउंट कितने प्रकार के होते है?



पीएफ खाता कितने प्रकार के होतें है? - Types Of PF Account In Hindi
पीएफ खाता कितने प्रकार के होतें है? - Types Of PF Account In Hindi




पीएफ खाता कितने प्रकार के होतें है? - Types Of PF Account In Hindi


PF अकाउंट के प्रकार - भविष्य निधि (Provident Fund) खाता नीचे दिए गए निम्न प्रकार के होतें है:-


1. EPF - कर्मचारी भविष्य निधि खाता

2. GPF - सामान्य भविष्य निधि खाता

3. VPF - स्वैच्छिक भविष्य निधि खाता

4. PPF - सार्वजनिक भविष्य निधि खाता



EPF खाता क्या होता है? - What Is EPF Account In Hindi


ईपीएफ फुल फ़ॉर्म एंप्लॉय प्रोविडेंट फण्ड इसे हिंदी में कर्मचारी भविष्य निधि कहा जाता है । सरकार के नियम अनुसार कर्मचारी को भविष्य निधि खातें में अपनी सैलरी से 12% निवेश करना अनिवार्य होता है तब उनका भविष्य निधि खाता कर्मचारी भविष्य निधि खाता यानि EPF अकाउंट होता है लेकिन अधिकांश लोग कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाता को भविष्य निधि (PF) खाता ही कहतें है ।


GPF खाता क्या होता है? - What Is GPF Account In Hindi


जीपीएफ फुल फाॅर्म जेनरल प्रोविडेंट फण्ड यानि "सामान्य भविष्य निधि" होता है जिसे सामान्य भविष्य निधि योजना भी बोल सकते है । जब कोई सरकारी संस्था में कार्यरत कर्मचारी सरकार का नियम 12% से ज्यादा अपनी सैलरी से भविष्य निधि योजना में निवेश करना चाहता है तो वैसे कर्मचारियो को EPFO में सामान्य भविष्य निधि (GPF) अकाउंट ओपेन कराने की आजादी होती है और तब ऐसे कर्मचारियो के खाता सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाता कहलाता है । पहले से संचालन कर रहें EPF खाताधारी यानि सरकारी कर्मचारी भी अपना EPF खाता को GPF में तब्दील करा सकता है एवं 12% से अधिक अपने भविष्य निधि खाता में निवेश कर सकता है।


VPF खाता क्या होता है? - What Is VPF Account In Hindi


VPF फुल फ़ॉर्म वोलंटरी प्रोविडेंट फण्ड जिसें हिंदी में "स्वैच्छिक भविष्य निधि" योजना भी कहा जाता है । VPF योजना में निवेश केवल प्राइवेट संस्था में काम करने वाले कर्मचारी ही कर सकते है यानि कुछ प्राइवेट कर्मचारी भी ऐसे होते है जो सरकार के नियम 12% से ज्यादा भविष्य निधि योजना में निवेश करना चाहते है । ऐसे कर्मचारियो को भी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर से स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF) अकाउंट ओपेन करने की सुविधाए देती है ।


PPF खाता क्या होता है? - What Is PPF Account In Hindi


PPF फुल फाॅर्म पाब्लिक प्रोविडेंट फण्ड होता है जो की हिंदी में "सार्वजनिक भविष्य निधि" योजना से जाना जाता है । यहां पर याद रखने योग्य बाते है EPF, GPF, VPF योजनाओ में निवेश केवल नौकरी करने वाले लोग ही कर सकते है आम लोगों के लिए नही है एवं ये फैसिलिटी सरकार की संस्था कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employee Provident Fund Organization) द्वारा दी जाती है । अब पाब्लिक प्रोविडेंट फण्ड यानि सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) की बात किया जाए तो भारत सरकार ने सार्वजनिक भविष्य निधि योजना आम लोगों को भविष्य निधि में निवेश हेतु 1968 में शुरुआत की थी तथा PPF सेवा सार्वजनिक बैंको की ओर दिया जाता है । कोई भी आम नागरिक बैंक के जरिए EPF, GPF, VPF की तरह PPF में निवेश कर सकता है । आजकल प्राइवेट बैंक भी पीपीएफ फैसिलिटी अपने ग्राहको को प्रदान करा रही है ।



ये भी पढें:-


EPF और PPF में क्या अंतर है?

PF नंबर और UAN नंबर में क्या अंतर है?

Post a Comment

Previous Post Next Post