व्यावसायिक बैंक और केंद्रीय बैंक में क्या अंतर है?

व्यावसायिक बैंक और केंद्रीय बैंक में क्या अंतर है (Difference Between Commercial Bank And Central Bank) यदि आप जानने आयें है तो आपको भलीभांति पता होगा हमारे देश भारत का केंद्रीय बैंक रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया है जिसे भारतीय रिज़र्व बैंक भी कहा जाता है तथा भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बरौदा, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, बंधन बैंक इत्यादि व्यावसायिक बैंक (Commercial Bank) के रूप में जनता को बैंकिंग सेवाए प्रदान कर रहा है । अब यदि सीधे मुद्दे पर बात किया जाए तो अक्सर प्रतियोगिता परीक्षाओ में प्रतियोगियों से व्यावसायिक बैंक और केंद्रीय बैंक में अंतर स्पष्ट कीजिए जैसे सवाल का उत्तर देने को कहा जाता है, अगर आप इसका उत्तर पाने आये है तो, आईयें बिना देर किए जानने की कोशिश करते है केंद्रीय बैंक और व्यावसायिक बैंक में क्या अंतर है?



व्यावसायिक बैंक और केंद्रीय बैंक में क्या अंतर है?
व्यावसायिक बैंक और केंद्रीय बैंक में क्या अंतर है?




व्यावसायिक बैंक और केंद्रीय बैंक में क्या अंतर है (What Is Difference Between Commercial Bank And Central Bank In Hindi)


किसी भी देश में अनगिनत सार्वजनिक क्षेत्र के व्यावसायिक बैंक, निजी क्षेत्र के व्यावसायिक बैंक, विदेशी क्षेत्र के व्यावसायिक बैंक होते है, परंतु उस देश में एकमात्र सर्वोच्च बैंक केंद्रीय बैंक होता है ।


केंद्रीय बैंक केवल लोक कल्याण और देश की आर्थिक विकास के प्रगति के लिए कार्य करता है जबकि देश में उपस्थित सभी व्यावसायिक बैंक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से जनता को बैंकिंग सुविधाए प्रदान करता है ।


केंद्रीय बैंक अपना मुख्य कार्य में देश के अर्थव्यवस्था की वित्तीय प्रणाली की निगरानी एवं ​​नियंत्रण करता है जबकी दूसरी ओर देश में उपस्थित सभी व्यावसायिक बैंक अपना मुख्य कार्य में जनता के धन को जमा स्वीकार और जरूरत परने पर ऋण उपलब्ध कराता है ।


केंद्रीय बैंक को "बैंकों का बैंक" भी कहा जाता है क्योंकि सभी व्यावसायिक बैंकों को कार्य करने का नियम क़ानून बनाता है यानि सभी व्यावसायिक बैंक केंद्रीय बैंक के नियम क़ानून एवं दिशानिर्देश पर कार्य करता है, जबकि केंद्रीय बैंक सरकार के दिशानिर्देश का पालन करता है ।


एकमात्र केंद्रीय बैंक को देश का सभी प्रकार का मुद्रा छापने और जारी करने का अधिकार प्राप्त होता है, जबकि ऐसा अधिकार किसी भी व्यावसायिक बैंकों को नही दिया गया है ।


केंद्रीय बैंक में केवल भारत सरकार और व्यावसायिक बैंकों का अकाउंट होता है, जबकि आम जनता अपना अकाउंट केवल व्यावसायिक बैंकों में ओपेन करा सकता है, केंद्रीय बैंक में ओपेन नही कराया जा सकता है ।


आम जनता को ऋण (Loan) की आवश्यकता होने पर व्यावसायिक बैंक उपलब्ध कराता है, जबकि दूसरी ओर देखा जाए तो किसी भी व्यावसायिक बैंकों को कर्ज की आवश्यकता परने पर केंद्रीय बैंक पूर्ती कराता है । 



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