भारतीय रिज़र्व बैंक व्यावसायिक बैंकों पर किस प्रकार नियंत्रण रखता है?

भारतीय रिज़र्व बैंक व्यावसायिक बैंकों पर किस प्रकार नियंत्रण रखता है? आईयें जाननें की कोशिश करते है, दोस्तों किसी भी देश के विकास में व्यावसायिक बैंकों की महत्वपूर्ण योगदान रहता है वर्तमान समय में भारत में अनगिनत व्यावसायिक बैंक मौजूद है जिसका इतिहास बहुत पुराना रहा है लेकिन आजादी से पुर्व सभी व्यावसायिक बैंक ज्यादा से ज्यादा लाभ कमाने के उद्देश्य से खासकर पुंजीपतियो को ही अपनी बैंकिंग सेवाए प्रदान करता था यानि की व्यावसायिक बैंकों को देश के विकास में कोई रूची नही थी, इसलिए आजादी के बाद भारतीय सरकार ने सर्वप्रथम भारतीय रिज़र्व बैंक का राष्ट्रीयकरण और केंद्रीय बैंक घोषित कर दिया एवं भारतीय रिज़र्व बैंक कानून 1949 में संसोधन करते हुए सभी व्यावसायिक बैंकों की निगरानी करने का जिम्मा भारतीय रिज़र्व बैंक एक्ट, 1949 के अनुसार भारतीय रिज़र्व बैंक को दे दिया ताकि सभी व्यावसायिक बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक के निगरानी में काम करें ताकि सभी व्यावसायिक बैंक समान रूप से कृषि क्षेत्र, उद्योग क्षेत्र, अन्य क्षेत्र में निवेश के साथ-साथ आम नागरिकों को न्यूनतम दरों पर ऋण उपलब्ध करें जिससे की देश की विकास में रूकावट ना आयें । भारतीय रिज़र्व बैंक किस प्रकार व्यावसायिक बैंकों पर नज़र रखता है आईयें जानने की कोशिश करते है ।



भारतीय रिज़र्व बैंक व्यावसायिक बैंकों पर किस प्रकार नियंत्रण रखता है?
भारतीय रिज़र्व बैंक व्यावसायिक बैंकों पर किस प्रकार नियंत्रण रखता है?




रिज़र्व बैंक व्यावसायिक बैंकों के गतिविधियो पर निम्नलिखित प्रकार से नज़र रखता है-


रिज़र्व बैंक को सबसे प्रथम व्यावसायिक बैंकों पर नज़र बनायें रखना जरूरी है की व्यावसायिक बैंक केवल लाभ अर्जित करने के मकसद से पुंजीपतियो को ही ऋण उपलब्ध ना करायें ।


रिज़र्व बैंक समय समय पर सभी व्यावसायिक बैंकों का लेखा-जोखा देखती है कि व्यावसायिक बैंक छोटे किसानों, छोटें व्यापारियो, छोटें कर्जदारों को ऋण उपलब्ध करा रही है या नही ।


प्रत्येक व्यावसायिक बैंकों को भारतीय रिज़र्व बैंक को लिखत में बताना होता है कि वह कितना और किसको ऋण दियें है और उस ऋण पर ब्याज कितना है ।


भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रत्येक व्यावसायिक बैंकों पर ये भी नज़र बनायें रखना पड़ता है कि सभी व्यावसायिक बैंक अपने पास जमा पूंजी की न्यूनतम रकम अपने पास बनायें हुई है या नही ।


देश की अर्थ-व्यवस्था बनायें रखने और मानव कल्याण हेतु भारतीय रिज़र्व बैंक समय समय पर व्यावसायिक बैंकों के लिए दिशा-निर्देश जारी करता है, रिज़र्व बैंक इसपर भी नज़र रखता है कि व्यावसायिक बैंक दिशा-निर्देश का पालन कर रही है या नही ।



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