एफडी और आरडी मे अंतर क्या होता है?

एफडी और आरडी मे अंतर क्या होता है यदि आप इन दोनो के बीच अंतर जानना चाहते है तो शायद आपको अवश्य पता होगा एफडी खाता वे लोग ओपेन कराते है जिनके पास एक मोटी रकम पहले से हो और एफडी के द्वारा अपने रकम पर ब्याॅज प्राप्त करना चाहते हो तथा आपको ये भी पता होगा आरडी खाता बैंक द्वारा एक सामान्य आम व्यक्ति के लिए बनाया गया है जिसमे महीने मे छोटी-छोटी रकम जमा करके मोटी रकम बनाया जा सकता है और अपने आरडी खाते मे जमा रूपए पर अच्छा ब्याज प्राप्त किया जा सकता है बैंक द्वारा एफडी और आरडी रकम पर ब्याॅज देने की बात किया जाए तो दोनो खाते मे फिक्स रकम पर लगभग एकसमान ही ब्याॅज बैंक की तरफ से दी जाती है चलिए अब बिना टाईम गवाए विस्तार से दोनो खाते के विषय पर बात करते है आरडी और एफडी मे क्या अंतर होता है?


एफडी और आरडी मे अंतर क्या होता है?
एफडी और आरडी मे अंतर क्या होता है?



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Fd खाता क्या है?


Fd का फूल फार्म Fix Deposit होता है इस खाते को सावधि खाता भी कहा जाता है सावधि खाता के तहत एक निश्चित रकम एक फिक्स टाईम के लिए जमा करना होता है अवधि पूरा हो जाने के उपरांत फिक्स डिपॉजिट रकम पर बैंक की तरफ से क्रमश 6%-7% सालाना ब्याॅज दिया जाता है!


Rd खाता क्या है?


Rd का फूल फार्म Recurring Deposit होता है तथा इस खाते को आवर्ती जमा खाता भी कहा जाता है यह खाता खासकर सामान्य लोगो के लिए बनाया गया है जिनके पास एक बार मे एक मोटी रकम फिक्स करने की औक़ात नही होता फिर भी आवर्ती जमा खाता के तहत एक चूना हुआ निश्चित समय तक महीने मे छोटी-छोटी रकम जमा करते हुए मोटी रकम बनाया जाता है तथा उस रकम पर अच्छा ब्याज की प्राप्ति किया जाता है!


RD और FD मे क्या अंतर है?


  • आरडी खाता एक आम सामान्य व्यक्ति के लिए बैंको द्वारा बनाया गया है जबकी एफडी खाता पैसे वालो के लिए बेहतर खाता माना जाता है!


  • एफडी खाते मे एक निश्चित रकम निश्चित समय के लिए फिक्स डिपॉजिट करना होता है जबकी आरडी खाताधारक एक निश्चित समय और जमा करने की रकम को चूनते है तथा महीने मे छोटी रकम जमा करते हुए अपने लक्ष्य तक पहुंचते है!


  • जो लोग डिपॉजिट के लिए रकम बार बार जमा नही करना चाहते एक बार मे ही एक अच्छा खासा रकम जमा और ब्याॅज पाना चाहते है ऐसे लोग एफडी खाता का चुनाव करते है जबकी छोटे आमदनी वाले लोग कुछ पैसा महीने मे जमा करना चाहते है ये लोग आरडी खाता का चुनाव करते है!


  • जमाकर्ता पर निर्भर होता है वह कितने दिनो साल का एफडी या आरडी अकाउंट ओपेन करना चाहते है फिर भी एफडी और आरडी की बात करे तो एफडी सात दिनो से लेकर दस साल तक का किया जा सकता है जबकि आरडी अकाउंट छ: महीने से लेकर दस साल तक का किया जाता है कुछ बैंक बारह वर्ष तक का भी करते है!


  • एफडी और आरडी पर मिलने वाले ब्याज दर की बात किया जाए तो क्रमश समानांतर सभी बैंको द्वारा दी जाती है लेकिन यह बात भी याद रखने योग्य है एफडी मे एक बार रकम जमा किया जाता है और आरडी मे उतना ही रकम महीने मे जमा करने के दौरान पूरा किया जाता है इसलिए एफडी और आरडी पर मिलने वाला ब्याज दर भले ही एकसमान हो मगर जब अवधि पूरा होने पर ब्याज जोड़ा जाए तो एफडी पर कुछ ज्यादा ही ब्याॅज आरडी के मुक़ाबले मिलती है!


  • एफडी और आरडी इंटरनेट बैंकिंग या मोबाईल बैंकिंग के जरिए खूद से ओपेन किया जा सकता है या बैंक ब्रांच अधिकारी द्वारा एफडी या आरडी खाता ओपेन कराया जा सकता है!

नोट- बैंको द्वारा अलग अलग एफडी और आरडी पर ब्याॅज दरे दी जाती है तथा समय समय पर अपने ब्याॅज दरो मे बदलाव करते रहता है इसलिए किसी भी बैंक मे एफडी या आरडी कराने से पहले बैंक के वेबसाइट पर मिलने वाले ब्याज दर पता कर लेना चाहिए!

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